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Showing posts from November, 2020

"तू आर कर या पार कर, बस मुझे साकार कर ✨️- By Ankita Tantuway

  ख्वाब  मेरे  कह  रहे, मन से मुझे आजाद कर। तू आर कर या पार कर , बस मुझे साकार कर। । तरासना  है खुद तुझे, नसीहतें लेनी नहीं । सोचना समझना है, क्या गलत है क्या सही । लक्ष्य राह तक रहा, रुकावटों पे वार कर । तू आर  कर या पार कर, बस मुझे साकार कर । । गिर गयी तो क्या हुआ, उठेगी तू बार बार । उस जीत के इंतज़ार मे, स्वीकार  कर तू सौ हार। मंज़िल पुकार रही, प्रयत्न लगातार कर । तू आर कर या पार कर, बस मुझे साकार कर ।।

मुझे उसकी तालाश हैं.....(Mujhe uski talash hai...) by Ankita Tantuway

  चाँद तारो की चमक सा वो न हो मगर,  जुगनू सा जो रोशन हो मुझे उसकी तलाश है । समंदर सा बड़ा , गहरा वो रुतवे की चाहत न, जो नाज़-ए-सरोवर हो मुझे उसकी तलाश है । नेता की तरह कसमें , बड़े वादें गवारा न , हमेशा संग चले मेरे , मुझे उसकी तलाश है ।