दिल की अजमाइशें ( ❤ki ajmaishe kabhi Puri Na ho saki .. Tum mere Na ho sake m tumhari Na ho Saki ....) by Ankita Tantuway
Read my poetry ... And like and comment ... Tदिलों की फरमाइशें कभी पूरी न हो सकी तुम मेरे न हो सके , मैं तुम्हारी न हो सकी नाम तुम्हारा सुनते ही एक मुस्कान सी आ जाती न चाहते हुए भी तुम्हारी याद जो आ जाती काश , ये लम्हे ये घडी यहीं थम सी जाती कुछ पल के लिए ही सही तुम मेरे और मैं तुम्हारी हो जाती लेकिन , दिल की ये चाहत कभी पूरी न हो सकी तुम मेरे न हो सके मैं तुम्हारी न हो सकी तेरा चेहरा देखने को कई दिनों तक इंतज़ार किया बातें करने की बजाय तुमने मुझसे मुँह मोड़ लिया काश , तुम भी मेरी चाहत की गहराई को समझ पाते कुछ लम्हे हमारे साथ हो जाते , मैं तुम्हारी और और तुम मेरे हो पाते लेकिन , दिल की ये तमन्ना कभी पूरी न हो सकी तुम मेरे न हो सके , मैं तुम्हारी न हो सकी