वो शाम का वक़्त ही था ना...(Vo sham ka waqt hi ta Na jab Tum aaye the ❤❤❤❤..) - by Ankita Tantuway.

पगला गयी थी मैं और तुम भी तो शर्माए  थे
वो शाम का वक्त ही था न जब तुम आये थे              

वो छत ही तो जरिया था ये देखने दिखाने का
आँखे मिलाने का  यूँ नज़रे चुराने का
अगर मैंने ख्वाब देखे तो तुमने भी सपने सजाए थे
वो शाम का वक़्त ही था न जब तुम आये  थे  
 
खिल गया था चेहरा मेरा  प्यारी सी मुस्कुराहट थी
देखा तो नहीं   बस तुम्हारे होने की आहट थी
अगर मैंने गाना  गाया तो  तुम  भी  चिल्लाये  थे
वो शाम का वक्त ही था न जब तुम आये थे                                

दो मिनट ही रुके तुम लेकिन वो पल बहुत खास था
अच्छा तो ये था की तुम्हे भी अहसास था  
अगर मैंने इग्नोर किया तो तुम भी इतराये थे        
वो शाम का वक्त ही था न जब तुम आये थे 

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