Dr. Bhimrao Ambedkar Poetry on ambedkar jayanti by Ankita Tantuway


 Dr Bhimrao Ambedkar was  ( An Indian Jurist, Economist  , Social Reformer & Political Leader) 


माँ से प्रश्न करता वह बालक, 

क्यों पानी का अधिकार नहीं? 

शिक्षा से हम वंचित क्यों है? 

क्यों हमारा कोई विचार नहीं! 


हमने तो साफ कपड़े भी पहने, 

फिर ये  दूषित क्यों कहते है ? 

दलित होना कोई गुनाह है क्या? 

फिर हम क्यों ये सब सहते है ! 


नीची जाति के नाम पर, 

हर बार उन्हें नकारा गया । 

तर्क की ज्वाला और भी बढ़ी, 

जब अछूत कहकर  पुकारा गया। 


स्पर्श तो दूर की बात , 

परछाई तक से भागा जाता था। 

दलितोँ की पहचान के खातिर, 

हंडी बांधा जाता था। 


देखकर भीम ने अत्याचार , 

शिक्षा का मार्ग था चुना। 

फिर भी संघर्ष कहाँ रुका , 

इसमें भी जाने क्या क्या सुना। 


पढ लिखकर जब वापस लौटे, 

फिर भी सामान व्यवहार नहीं। 

प्यून तक फाइल फेक कर देता , 

कहता यहाँ बैठना भी अधिकार नहीं। 


अब मन में नयी क्रांति लेकर, 

ये भेदभाव मिटाने चले। 

बाबा साहेब समाज में , 

दलितों का हक दिलाने चले। 


जुटाके सारे दलित वर्ग को, 

हर रोज नया संघर्ष किया। 

दिलाया हक पानी पीने का, 

पूजा स्थल को भी स्पर्श किया। 


संविधान सभा में भाषण देते, 

इसमे बड़ा योगदान रहा। 

संविधान के जनक कहलाये

किरदार इनका महान रहा । 

कि किरदार इनका महान रहा....... 








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