भटकना अब नहीं तुझको , सही राहों में जाना है- by Ankita Tantuway
भटकना अब नहीं तुझको , सही राहों में जाना है ।
जो पहले रह गया पीछे, उसे वापस से पाना है।।
बुलंद हौसले की खोज करना है तुझे तू कर ,
गिरना है , संभलना है , तुझे बस डर मिटाना है ।।
निकलता जा रहा है वक़्त , कर ले कदर उसकी ,
बनाले सारणी और सोचले उसको निभाना है ।
मंज़िल में कभी आश तो कभी निराशा हाथ होगी,
उसे स्वीकार करना है और बढे चले जाना है ।
आज के नए दौर में , प्रतियोगिताए बहुत है ,
जीत ले सारी , खुद को इस काबिल बनाना है।
जो पहले रह गया पीछे, उसे वापस से पाना है।।
बुलंद हौसले की खोज करना है तुझे तू कर ,
गिरना है , संभलना है , तुझे बस डर मिटाना है ।।
निकलता जा रहा है वक़्त , कर ले कदर उसकी ,
बनाले सारणी और सोचले उसको निभाना है ।
मंज़िल में कभी आश तो कभी निराशा हाथ होगी,
उसे स्वीकार करना है और बढे चले जाना है ।
आज के नए दौर में , प्रतियोगिताए बहुत है ,
जीत ले सारी , खुद को इस काबिल बनाना है।
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