"जब मेरी किताबों से बातें होने लगी"📚❤"

 बेअसर नींद वाली वो रातें होने लगी

जब मेरी किताबों से बातें होने लगी...


सोने पे सपना और जागने पे लक्ष्य बन जाना,

इस तरह मेरी मंज़िल से मुलाकातें होने लगी

जब मेरी किताबों से बातें होने लगी....


कुछ करने की जिद का अब तमन्ना बन जाना, 

इस तरह से जूनून की बरसातें होने लगी

जब मेरी किताबों से बातें होने लगी....


बेअसर नींद वाली वो रातें होने लगी

जब मेरी किताबों से बातें होने लगी...


~अंकिता तंतुवाय ✍️


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